कृष्णनीति सफलता का मूलमंत्र
*कृष्णनीति सफलता का मूलमंत्र* जीवन में आने वाले सभी सुख और दुख हमारी नीतियों पर आधारित है जैसी हमारी नीति होती है वैसा ही उसका परिणाम भी होता है। किसी भी कार्य को सफल करने के लिए एक अच्छी नीति की आवश्यकता होती है। नीतियां हम अपने आदर्शों को देखकर व उनसे सीख कर बनाते हैं। प्रत्येक व्यक्ति सफल होना तो चाहता है परन्तु उसकी गलत नीतियों सफलता मे बाधक होती है। दुनिया की सर्वश्रेष्ठ नीति भगवान श्री कृष्ण की नीति है श्री कृष्ण का समूचा जीवन मे धर्म युद्ध चलता रहा अधर्म के विरुद्ध महाभारत श्री कृष्ण का अंतिम युद्ध था। जब सत्य पर असत्य हावी होने लगे तो हमें श्री कृष्ण नीति के अनुसार ही निर्णय लेना चाहिए। *कृष्णनीति:* *1.मत की स्पष्टता।* भगवान श्री कृष्ण के संधि संदेश को जब दुर्योधन ने ठुकरा दिया तो भगवान कृष्ण कर्ण को समझाते हैं परंतु कर्ण का मत स्पष्ट था वह युद्ध दुर्योधन की ओर से ही करेगा। किस संवाद के उपरांत जब भगवान कृष्ण पांडवों के पास जाते हैं तो उनको उनका साथ देने वाले मित्र राजाओं और शत्रु राजाओं के बारे में विस्तार पूर्वक बताते हैं। स्पष्ट...