अखंड-मंडलाकारं व्याप्तम येन चराचरम,तत्पदं दर्शितं येन तस्मै श्री गुरवे नमः।।
जन्म जन्मांतर के पापों का क्षरण करने वाले, अपनी वाणी के सहज माधुर्य से अगणित श्रोताओं के हृदय में श्री हरि के गुणों की दिव्य प्रतिमूर्ति स्थापित करने वाले, परम पूज्य गुरुदेव आनंदपीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर अनंत श्री विभूषित श्री श्री 1008 स्वामी श्री बालकानंद गिरि जी "महाराज श्री" के राजधानी दिल्ली स्थित पावन आश्रम श्री हरिधाम मंदिर का जीर्णोद्धार एवं गुरु कुटीर का उद्घाटन कार्यक्रम गुरु मां वात्सल्य की मूर्ति, मूर्धन्य विदुषी, दीदी मां मंजू श्री ज्योतिषाचार्य के आयोजकत्व में विधि-विधान के साथ सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम आरम्भ - "महाराज श्री" द्वारा कार्यक्रम का आरम्भ दैहिक दैविक भौतिक तीनों तापों से परे त्रिकाल के दृष्टा भगवान् महाकाल के वेद वर्णित रुद्राष्टाध्याय्यी के पाठ द्वारा रुद्राभिषेक से किया गया,तदुपरांत भगवान् देव की आरती के पश्चात् पूजन मगंलपूर्वक संपन्न हुआ। सुन्दरकाण्ड पाठ- रुद्राभिषेक के पश्चात् श्री सुन्दरकाण्ड पाठ का संगीतमय आयोजन हुआ। महाराज श्री के निर्देशन में "नूपुर संगीत परिवार" के शास्त्रीय गायक एवं गायिकाओं ने श्री सुन...