जीवन गिरि गोस्वामी की प्रेरणादायक कहानीलेखक: विक्रम गिरि गोस्वामी
यह कहानी एक ऐसे व्यक्ति की है, जिन्होंने अपनी निडरता और साहस से स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनका नाम था जीवन गिरि गोस्वामी। उनका जन्म 1904 में छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के एक छोटे से गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम श्रीराम गिरि और माता का नाम रानी देवी था। बचपन से ही जीवन में देशभक्ति का गहरा बीज बोया गया था, जो उनके दिल में स्वतंत्रता संग्राम के प्रति प्रेम और समर्पण की भावना को पल्लवित करता था। जीवन गिरि गोस्वामी ने हमेशा अपने परिवार से यह सिखा था कि समाज में व्याप्त शोषण और अन्याय के खिलाफ खड़ा होना ही सच्चा धर्म है। यह शिक्षा उनके जीवन का हिस्सा बनी और उन्होंने बचपन से ही अपने समाज के लिए कुछ करने का प्रण लिया। वे समझते थे कि अगर किसी समाज को सशक्त बनाना है तो उसके लिए सबसे पहले जरूरी है, उस समाज के अधिकारों के लिए संघर्ष करना। जैसे-जैसे समय बीतता गया, जीवन ने महसूस किया कि ब्रिटिश शासन भारत की स्वतंत्रता को छीन रहा है और हमारे समाज को गुलामी की जंजीरों में जकड़ने की कोशिश कर रहा है। उनके दिल में यह विचार घर कर चुका था कि अब देश को स्वतं...