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Showing posts from June, 2025

विश्व हिन्दू महासंघ क्यों जरूरी है

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आज के समय में जब भारत विविध सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक चुनौतियों से जूझ रहा है, तब “विश्व हिन्दू महासंघ” जैसे संगठनों की प्रासंगिकता और आवश्यकता अत्यधिक बढ़ गई है। यह संगठन न तो किसी राजनीतिक दल से जुड़ा है और न ही सत्ता की लालसा रखता है। इसका एकमात्र उद्देश्य है—हिन्दू समाज को जागरूक, संगठित और सशक्त बनाना। भारत की सनातन संस्कृति हजारों वर्षों पुरानी है, जिसमें सहिष्णुता, धर्म, सेवा, और तप की परंपरा रही है। लेकिन आज धर्मांतरण, जातीय विघटन, सांस्कृतिक हमलों और सामाजिक असंतुलन जैसी चुनौतियाँ हिन्दू समाज के समक्ष खड़ी हैं। ऐसे में विश्व हिन्दू महासंघ एक सांस्कृतिक और सामाजिक रक्षक के रूप में उभर कर सामने आया है। उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी, जिन्होंने गोरक्षपीठाधीश्वर के रूप में सनातन परंपरा और हिन्दू समाज की रक्षा में अहम भूमिका निभाई है, वे हिन्दू जागरण का प्रतीक हैं। उनका राष्ट्र और धर्म के प्रति समर्पण ही हमारे साथ साथ करोड़ों युवाओं के लिए प्रेरणा है। इस संगठन की नींव तत्कालीन गोरक्ष पीठ के महंत ब्रह्मलीन संत अवैधनाथ जी महाराज ने रखी थी, उनके उपरांत य...

विश्व हिन्दू महासंघ की कोर कमेटी की बैठक मे हुए अहम निर्णय

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आज मंगलवार 10 जून को महंत निवास परिसर श्री कालका जी मंदिर नई दिल्ली -19, में स्थित विश्व हिंदू महासंघ के केंद्रीय कार्यालय में राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत श्री सुरेन्द्र नाथ जी की अध्यक्षता में महासंघ की कोर कमेटी की विशेष बैठक हुई  जिसमे महासंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी सत्यानंद गिरी, आचार्य श्री शुभेश सरमन, राष्ट्रीय संगठन महामंत्री योगी श्री तेजपाल सिंह, राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री विक्रम गोस्वामी जी, राष्ट्रीय सचिव श्री सोमेश भारद्वाज जी उपस्थित रहे । उनके अलावा महामंडलेश्वर डॉ राजेश्वर दास जी, महामंडलेश्वर स्वामी श्री जलेश्वरानन्द गिरि जी, राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रभास चंद्र जी की सहमति भी प्राप्त की गई । बैठक में विचार विमर्श के बाद यह निर्णय किया गया की श्री भिखारी प्रजापति जी यथावत उत्तर  प्रदेश के अध्यक्ष बने रहेंगे। श्री शैलेंद्र प्रताप सिंह जी को महासंघ का राष्ट्रीय सचिव बनाया गया।

उत्तर प्रदेश उत्तम प्रदेश की ओर: 2017 से 2025 तक योगी सरकार के नेतृत्व में ऐतिहासिक बदलाव: विक्रम गोस्वामी

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"जब नेतृत्व में नीयत साफ हो, तो नतीजे अपने आप बोलते हैं।" यही चरित्र है उत्तर प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के शासन का, जिन्होंने 2017 में सत्ता संभालने के बाद से प्रदेश को अराजकता, अपराध और भ्रष्टाचार की दलदल से निकालकर विकास, सुरक्षा और सुशासन की राह पर खड़ा कर दीया। 1. अर्थव्यवस्था में क्रांतिकारी वृद्धि 2017 में उत्तर प्रदेश की जीडीपी ₹12.5 लाख करोड़ थी, आज 2025 में यह बढ़कर ₹27.5 लाख करोड़ से अधिक हो चुकी है। कभी 'बीमारू' कहा जाने वाला प्रदेश अब देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। यह आंकड़ा केवल आर्थिक तरक्की नहीं, बल्कि विश्वास, पारदर्शिता और दूरदृष्टि की जीत है। 2. कानून व्यवस्था: अपराधियों पर बुलडोजर नीति समाजवादी पार्टी के शासनकाल में अपराधी बेलगाम थे। दंगे, अपहरण और भूमाफिया का बोलबाला था। 2017 के बाद योगी जी की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत 2.16 लाख पुलिसकर्मियों की भर्ती, संगठित अपराध पर करारा प्रहार, और माफिया पर बुलडोजर चलाकर कानून का राज स्थापित किया गया। 3. किसानों को सशक्त बनाना 2017 में किसान...