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Showing posts from June, 2021

संन्यासी आन्दोलन

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सन्यासी आंदोलन  धूल चढ़ी इतिहास की पुस्तकों में दफन है एक ऐसा आंदोलन जिस के विषय मे लोगों को अधिक नहीं बताया गया। अंग्रेजों  की दमनकारी नीतियों के चलते शांत स्वभाव के सन्यासियों को भी विद्रोह का मार्ग अपनाना पड़ा। जब अंग्रेजों ने हिंदुओं को उनके तीर्थ स्थानों पर जाने पर प्रतिबंध लगा दिया था।  सन 1763-1800ई में गिरी संप्रदाय के सन्यासियों व नागा सन्यासियों द्वारा एक आंदोलन चलाया गया। ये सभी संन्यासी आदि गुरु शंकराचार्य के अनुयायि थे। इस आंदोलन में किसानों व शिल्पकारों ने भी भाग लिया। ये सभी संन्यासी शस्त्र और शास्त्र के ज्ञाता थे इनका मुख्य काम धर्म का प्रचार प्रसार व पठन पाठन व शस्त्रों का परीक्षण देना होता था। मठ मन्दिरों की देख रेख व पूरी व्यवस्था इन्हीं के हाथ मे होती थी। जीवित रहते हुए स्वयं का पिंडदान कर अपने आप को धर्म के प्रति समर्पित कर धर्म युद्ध मे अग्रणी भूमिका मे रहते थे। ये वेह योद्धा थे जिन्होने इस आंदोलन से पूर्व भी मराठाओ व राजपूतों के साथ मिल कर विदेशी आक्रांताओं से जंग लडी है। सन् 1763 से 1773 तक ये सन्यासी विद्रोह बहुत मजबूत स्थिति मे आ चुका ...

कल्कि अवतार की प्रतीक्षा कर रहे है सप्तचिरंजीव।

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भगवान विष्णु के दसवे अवतार का कई हजारों वर्षों से इंतजार हो रहा है। भगवान श्री हरी विष्णु कल्कि रूप में अवतार लेंगे ऐसा सनातन धर्म की पुस्तकों में वर्णित है। सात दिव्य महापुरुष भगवान कल्कि अवतार की प्रतीक्षा कर रहे हैं। येॐ है। किसी न किसी कारणवश यह सप्त चिरंजीवी  भूमंडल का भ्रमण कर रहे हैं।dरररररररररररररररररररररररररररतररररररररररररररररतरररतरररररररररररररररररररररररतररररतररररररररररररररररररररररररररररतरररररररररररऱशॐद्यद्यक्ष सप्त चिरंजीवी : अश्वत्थामा : महाभारत में गुरु द्रोण के पुत्र। ऐसी कथा प्रचलित है कि गुरु द्रोणाचार्य के पुत्र अश्वत्थामा के सिर में अमर मणि है। अश्वत्थामा को कृष्ण के श्राप के कारण ही चिरंजीवी होना पड़ा था, वे कलयुग के अंत तक रहेंगे।  बQलि : महाराज बलि जो पाताल लोक के स्वामी हैं, जिन्होंने भगवान वामन को तीन पग भूमि के वचन में सारी सृष्टि दान कर दी थी। zzzzz घमंड को खत्म करने के लिए उसे कलयुग के अंत तक रहेंगे। xa  व्यास : भगवान वेद व्यास जी विष्णु भगवान के अवतार, जिन्होंaaaaaaने अठारह पुराण, महाभारत, वेदों के विभाजन xआदि रचे। इन्हें अमरता का वरदा...