शिव सेना शिव भक्तों की हत्या पर मौन क्यों? विक्रम गोस्वामी
महाराष्ट्र के पालघर और नांदेड़ मे निर्दोष साधुओं की बेरहमी से हत्या कर दी गई। सनातन धर्म का प्रचार प्रसार करने वाले उन संतों का किसी से क्या बैर रहा होगा जो स्वंय के परिवार को छोड़ समूचे राष्ट्र को अपना परिवार बनाने की रहा पर चल रहें थे ऐसे में निरपराध साधुओं पर जानलेवा हमले किसी बड़ी राजनैतिक साजिश की और इशारा कर रहें है जिस भगवे के सम्मान मे हिन्दुत्व के बब्बर शेर बाला साहब ठाकरे लगे रहते थे जिनका जीवन भगवे को समर्पित था आज उनकी ही पार्टी महाराष्ट्र मे सत्ता मे है पर साधु संत असुरक्षित है दोनों घटनाओं पर नजर डालें तो ऐसा लगता है कि प्रदेश में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। कानून का डर न होने की वजह से अपराधी बेखौफ वारदात को अंजाम दे रहे हैं। साधु-संतों की हितैषी होने का दावा करने वाली शिवसेना अपनी ही सरकार में साधुओं की हत्या पर लगाम नहीं लगा पा रही है। इस मामले में सामुदायिक दृष्टिकोण से न देखें तब भी एक नागरिक के बतौर साधु संतों व आम जनता की सुरक्षा राज्य सरकार की जिम्मेदारी थी, जिस पर राज्य सरकार बुरी तरह फेल होती नजर आ रही है।