"नकल से नहीं अकल से करो तनाव मुक्त रहोगे"
"नकल से नहीं अकल से करो तनाव मुक्त रहोगे"
आपने अपने आसपास देखा होगा कुछ लोग दूसरों की होड करने में अपना नुकसान कर बैठते हैं कभी-कभी नकल के चक्कर में अपने पास जो होता है उसे भी गवा देते हैं एक आदमी ने पड़ोसी को देखकर उसके ही जैसा बड़ा सा मकान बनाने के लिए कर्जा लिया और उससे भी सुंदर सा एक मकान बना दिया।
कुछ समय के उपरांत बच्चों ने अपने पिता को घर से निकाल दिया कहा कर्जा लिया है तुमने तो तुम्हें ही चुकाना होग। हमने नहीं कहा था कर्जा लेकर इतना बड़ा मकान बनाओ। उसकी तो बड़ी-बड़ी मिले चलती हैं और तुम्हारे पास क्या है. क्या सोच कर इतना बड़ा मकान बनाया था। मकान बनाने के लिए कितना खर्चा ले लिया। जिन के लिए बड़ा सा महल जैसा मकान बनाया आज वह महल के अंदर और जिसने बनवाया वो घर से बाहर है।
किसी की होड़ करना भी इंसान को कई बार नीचा दिखा देता है व्यक्ति किसी से चीज मांग कर पहन तो लेता है परंतु गुम हो गई. तो फिर बड़ा तनाव झेलना पड़ता है।
जो आपके पास है उतने में ही संतोष रखा ले तो आदमी तनाव से मुक्त रह सकता है। लेकिन व्यक्ति दूसरों की ऐसो आराम की चीज को देखकर रिस कर बैठता है और उसे पाने के लिए उधार लेता है या फिर गलत कार्य भी करता है जिससे कि उसका जीवन तनाव में हो जाता है और आगे चलकर वह अवसाद से घिर जाता है। और जो व्यक्ति अवसाद से घिर जाता है। उसके द्वारा इस तनाव से दूर होने के लिए गलत कदम उठाए जा सकते हैं जैसे घर को छोड़कर दूर चले जाना व आत्महत्या जैसा घृणित कृत्य भी व्यक्ति कर बैठता है।
इसलिए हम को समझना चाहिए यदि रिस करनी है अर्थात होड करनी है तो हमें कमाने की करनी चाहिए।
Good
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